देखो आया मधुमास

देखो आया मधुमास, किसको  सताने 
 किसी को हँसाने, किसी को रुलाने ॥
 देखों, आया मधुमास.... 

मन गया जिसका, साथ सजन के । 
आग लगाये मधुमास, उसके तन के ।।
लिए स्नेह का बन्धन, प्रीती की डोरी। 
नित बाट निहारे , बिरहन किशोरी ॥
मलय पवन आया, अगन बढ़ाने
किसी को हँसाने, किसी को रुलाने 
देखों, आया मधुमास.......
 
प्रियतम है उसके, नैनो के काजल । 
मधुर विरह में, जल रही पागल
पाती पिया को लिखें वह सुकूमारी 
सुधि ले लो साजन यह अरज हमारी
भूल के हमकों, लगे किस को रिझाने 
किस को हँसाने, किसको रुलाने 
देखो, आया मधुमास....

हँसी-सी खिली है हर बाग की डाली। 
झूम रही जैसे, लगे कोई मतवाली । 
कोमल की कुक हमको सताये । 
मधुर मिलन की याद दिलाये ।
भौरे तू आ जा, रस को बढ़ाने 
देखों आया मधुमास.....

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