आशा न रखना
जहां में किसी से तुम , कोई आशा न रखना
करेगा याद कोई तुमको ,यह वहम न रखना ।
कमियां दिखे जब हजार दूसरों में ......
सामने तब तू अपने एक आइना भी रखना ।
बुलंदी मिले तो , ये बात याद रखना
दुखे ना दिल किसी का , ये फरियाद रखना
खुलता है सारा लेखा -जोखा उसके सामने ....
अपने भी कर्मो का हिसाब थोड़ा रखना ।।
करेगा याद ....
ईर्ष्या और द्वेष से जीवन भरा है
यहां अपना है कौन ,कौन परा है ।
चमकता हुआ दिनकर भी ढलेगा .......
मिट्ठी के चिरागो को , भी संभाले तू रखना ।।
करेगा याद तुमको .....
प्रेम से जीतता है , जो दुनियां ये सारी ।
याद रखता है उनको , आत्मा भी हमारी ।
दंभ हो जो दिलों में तो क्या फायदा ......
अहम के घोंसले में ,थोड़ा प्यार भी रखना
करेगा याद तुमको .....
दर्द मिले जो , दिलों में दबा लो ।
हॅंसेगी ये दुनियां , अपने अश्क छिपा लो ।
नाम हो हर रिश्तों का , जरूरी तो नहीं ....
कुछ स्नेह के रिश्तों,को भी निभाए रखना ।।
करेगा याद तुमको.........
✒️ अष्टभुजा पाण्डेय
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