गजल

न जाने क्या समझते,  क्या जता देते है।

निगाह मिलते ही ,पलको से छुपा लेते  है।।

ख्वाब भी उन्ही के , रूप भी है उन्ही का ,

क्या दिखाता है इस चेहरे पर ,जो मुस्कुरा देते है ।।

इश्क बारिश बन के आया , आंख नम कर गया ,


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