बसंत
बागों में शोर आया,
मन में एक उमंग ।
हवाएं झूम के गाती ,
देखो आ रहा बसंत ।।
हर तरफ है खुशी ,
खिली हर बागों की डाली ।
देख खेतों की सुषमा ,
भरी दिल में हरियाली ।
मौज करने को आया ,
देखो रति का कंत ।
हवाएं झूम के गाती ,
देखो आ गया बसंत ।।1।।
सुहानी हो गई बेला ,
रवि आने लगा है ।
भौरे गा रहे गुन गुन ,
स्वर मधुर छाने लगा है ।
कोयल मस्त हो गए ,
स्वर्ग मुझे चहूं दिगंत ।
हवाएं झुमके गाती ,
देखो आ गया बसंत।।2।।
सवर गई है वसुधा ,
गूंजे नित नए तराने ।
प्रियतम आ जा मिलने ,
लेके कोई बहाने ।।
फूल हो गए है कांटे ,
बिना तेरे ,मेरे कंत ।
हवाएं झूम के गाती ,
देखो आ गया बसंत ।।3।।
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